1 दिरहम हो जाएगा 23 भारतीय रुपया, पहले होगा 21 रुपए फिर हो जाएगा 23 रुपए

 जिसका साफ मतलब है भारतीय प्रवासियों के लिए फिक्स डिपाजिट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा,  गौर करें तो लगातार देश में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद करेंसी डिप्रेशिएशन हुआ है, फिक्स डिपॉजिट पर लगातार ब्याज दर घटाएं गए हैं और यह घटना जारी हैं हालांकि इसके पीछे नरेंद्र मोदी के सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने का तर्क सामने रखते हैं.

 

 

भारतीय रुपया भी दबाव में हैं और भारतीय सरकार इस दबाव को और आगे खेलने के तैयारी कर रही है,  वह चाह रही है कि भारतीय रुपया और गिरे जिसके वजह से भारत में एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिल सके. जिससे भारतीय मुद्रा भंडार भी बढ़ेगा,  हमारा मतलब विदेशी करेंसी में से हैं. 

विजय वालेचा जो कि मुख्य इन्वेस्टमेंट ऑफिसर हैं,  उन्होंने यह बताया कि भारतीय रुपया अगले वर्ष 6.6% के आसपास नीचे जाएगा जिसके फलस्वरूप डॉलर की कीमत 75-76 हो जाएगी  और अमीरात दिर्हाम 21:00 के आसपास रहेगा. वहीं 2023 में डॉलर की कीमत लगभग 84 से 85 हो जाएगी फल स्वरूप अमीरात दिर्हाम लगभग 23 का हो जाएगा.

 जिसका साफ मतलब है भारतीय प्रवासियों के लिए फिक्स डिपाजिट का कोई मतलब नहीं रह जाएगा,  गौर करें तो लगातार देश में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद करेंसी डिप्रेशिएशन हुआ है, फिक्स डिपॉजिट पर लगातार ब्याज दर घटाएं गए हैं और यह घटना जारी हैं हालांकि इसके पीछे नरेंद्र मोदी के सरकार मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने का तर्क सामने रखते हैं.

बलीचा ने यह भी कहा कि बेरोजगारी भारत में केंद्रीय मंत्रिमंडल के नए सिर दर्द के रूप में उभर रहा है,  भारत में गिरते रुपए के साथ और बढ़ती बेरोजगारी को अच्छे से समझने वाले लोग या भली-भांति समझ पा रहे हैं कि भारत की आर्थिक दिशा किस ओर में बढ़ रही है,  इस जगह पर भारत में इन्वेस्ट करना भी अभी रुपए की स्थिति को देखकर ही करना उचित होगा.

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