सऊदी में लागू हो गया क़ानून, whatsapp, फ़ेसबूक, internet चलाने वाले अभी पढ़ ले वरना पड़ेगा घोर प'छताना

जेद्दाह – सऊदी की सार्वजनिक अभियोजन शनिवार को बताया की सार्वजनिक आदेश और सुरक्षा को प्रभावित करने वाली अफवाहें या फेक खबरों को साझा करना या प्रसार करना साइबर क्राइम कहलाएगा. जिसके अंतर्गत 5 साल की जेल और 3 मिलियन सऊदी रियाल जुर्माना देना होगा.

 

सऊदी गेजेट के मुताबिक, यह कहा गया है कि साइबर क्राइम रेगुलेशन के अनुच्छेद 6 में अधिकतम 5 साल की कारावास और अधिकतम 3 मिलियन सऊदी रियाल जुर्माना या इन दो दंडों में से एक है जो सार्वजनिक आदेश, धार्मिक मूल्यों, सार्वजनिक नैतिकता और गोपनीयता का उल्लंघन करने वाले इलेक्ट्रॉनिक रूप से उत्पन्न या प्रसारित करने वाले लोगों के लिए है.

अगर समान सामग्री तैयार की जाती है या इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजी जाती है या कंप्यूटर पर और सोशल मीडिया नेटवर्क में संग्रहीत की जाती है तो वही जुर्माना लागू होगा.

 
NewsWeek ने इस बाबत एक बड़ी कव्रिज जारी की हैं जो इस प्रकार हैं.
 
Saudi Arabia has warned its citizens that spreading “fake news” is against the law, issuing a reminder of what kind of punishments were in store amid widespread rumors that the kingdom was behind the killing of a prominent critic abroad.

Saudi Arabia’s Office of Public Prosecution, which regularly updates its Twitter account with notices about penalties for various offenses, tweeted Saturday about the consequences of “producing rumors or fake news that would affect the public order or public security or sending or resending it via social media or any technical means.” Such a crime carries a sentence of “imprisonment for five years and a fine of 3 million riyals,” which is about $799,455.
 
In addition, “producing, sending or disseminating information or images that offend the reputation of a person or institution, defame others and harm them in any way, through social media or any digital means” is punishable “by up to one year in prison and a fine of 500,000 riyals,” around $133,242.
 
The messages came as Saudi Arabia attempted to crack down on growing speculation that it was involved in the disappearance of Jamal Khashoggi, a Saudi media commentator who fled the kingdom last year and was last seen entering Riyadh’s consulate in Istanbul earlier this month.

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