गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर जारी किया अहम निर्देश!

गृह मंत्रालय ने अधिकारियों और सरकारी स्टाफ के लिए 24 पेज की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी की है, जिसमें कहा गया है कि अधिकारी ऑफिस के कंप्यूटर या मोबाइल पर सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करें. गाइडलाइन में कहा गया है कि अधिकारियों और स्टाफ को सोशल मीडिया या सोशल नेटवर्किंग पोर्टल या एप्लीकेशंस पर किसी भी तरह की आधिकारिक सूचना को शेयर नहीं करें, जब तक कि उनको सरकार द्वारा इस बात की अनुमति न दी जाए.

इसके अलावा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सीक्रेट जानकारियों से संबंधित काम उस कंप्यूटर से न करें, जो इंटरनेट से जुड़ा हुआ है; क्योंकि इसके हैक होने की आशंका रहती है. इसमें कहा गया है कि गूगल ड्राइव और ड्रॉप बॉक्स में सीक्रेट जानकारी को सेव न करें और किसी भी तरह की खुफिया जानकारी को ई-मेल से न भेजें.

ये गाइडलाइन सिर्फ अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले स्टाफ, कन्सलटेंट, पार्टनर्स और थर्ड पार्टी स्टाफ जो कि इन्फॉर्मेशन सिस्टम, फेसिलिटीज़ और कम्युनिकेशन सिस्टम को मैनेज करते हैं, उनके लिए भी है.
इसके अलावा फिशिंग को लेकर भी इसमें निर्देश दिए गए हैं. इसमें बताया गया है कि हैकर आमतौर पर फोन कॉल या ईमेल के ज़रिए गलत तरीके से सूचना लेने की कोशिश करते हैं, इसलिए इस तरह के संदेहास्पद मेल का उत्तर नहीं दें. ये हैकर्स किसी ट्रस्टेड लगने वाले सोर्स से लिंक भेजते हैं. इस लिंक पर क्लिक करते ही यह किसी फेक वेबसाइट पर लेकर जाता है. इस साइट पर लॉगइन करते ही सारी सूचनाओं के हैक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है. मंत्रालय ने साफ किया है कि इसे ध्यान में रखते हुए सावधान रहने की ज़रूरत है. साथ ही ये भी कहा गया है कि हर संस्थान अपनी ज़रूरतों को देखते हुए साइबर सिक्युरिटी को लेकर कुछ और भी नियम बना सकता है.
इनपुट:न्यूज़18

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